पिथौरागढ़ का लाल सिक्किम में बलिदान: हिमस्खलन की चपेट में आने से लांस नायक विकास कुमार शहीद
Pithoragarh's Son Sacrifices Life in Sikkim
पिथौरागढ़। Pithoragarh's Son Sacrifices Life in Sikkim, जिला मुख्यालय के नजदीकी गणकोट गांव के एक जवान ने सिक्किम में अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है।
जवान के बलिदान होने की खबर मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। जवान का पार्थिव शरीर विमान से दिल्ली और वहां से एम्बुलेंस के जरिये पिथौरागढ़ लाया जा रहा है। जिसके आज यहां पहुंचने की उम्मीद है।
मुख्यालय से तीन किलोमीटर दूर गणकोट गांव निवासी विकास कुमार 19 कुमाऊं में लांस नायक के पद पर तैनात थे। विकास दो रोज पूर्व सिक्किम सीमा क्षेत्र में अपने दो अन्य साथियों के साथ गश्त पर थे। इसी दौरान तीनाें जवान हिमस्खलन की चपेट में आ गये।
दो अन्य जवान सुरक्षित बच गये, जबकि विकास कुमार का निधन हो गया। 27 वर्षीय विकास वर्ष 2017 में भारतीय सेना में तैनात हुए थे। वे अपने पीछे पत्नी प्रीति, आठ माह के बच्चे, पिता गणेश राम और माता मंजू देवी को रोता बिलखता छोड़ गये हैं।
विकास के बलिदान होने की जानकारी मिलते ही परिवार के सदस्य बेसुध हैं। तमाम लोग शोक जताने के लिए बलिदानी के घर पहुंचे हैं। गांव में शोक की लहर छाई हुई है।
इधर, नगर के लोगों ने पूर्व जिला पंचायत सदस्य वीरेंद्र बोहरा की अगुवाई में जिलाधिकारी से मुलाकात की और उनके जवान का शव एयर एम्बुलेंस से पिथौरागढ़ लाये जाने की मांग की। जिलाधिकारी ने कार्रवाई का भरोसा दिया है।